Independence Day 2025: नक्सलवाद और बस्तर के बारे में लालकिले से PM Narendra Modi ने कही बड़ी बात

नई दिल्ली। 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र रक्षा, नागरिकों की सुरक्षा और बदलाव की दिशा में सरकार के प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि कैसे दशकों से नक्सलवाद और माओवाद की चपेट में रहे देश के बड़े जनजातीय क्षेत्रों में अब विकास की बयार बह रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “पिछले कई दशकों से नक्सलवाद ने जनजातीय इलाकों को लहूलुहान किया। इसका सबसे बड़ा खामियाजा हमारे आदिवासी परिवारों ने भुगता। माताओं ने अपने सपनों को खोया, बेटों को गलत रास्ते पर धकेल दिया गया, और उनकी ज़िंदगी तबाह कर दी गई।”
उन्होंने याद दिलाया कि कभी नक्सलवाद सवा से ज्यादा जिलों में फैला हुआ था, लेकिन फौलादी संकल्प के साथ सरकार ने इसे खत्म करने का प्रयास किया। नतीजा यह हुआ कि आज यह खतरा केवल 20 जिलों तक सीमित रह गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने गर्व से कहा, “एक समय था जब बस्तर का नाम लेते ही बम और बंदूक की आवाज याद आती थी। लेकिन आज बस्तर के नौजवान खेल के मैदान में ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ उतरते हैं। हजारों युवा ओलंपिक जैसी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं और माहौल उत्साह से भर जाता है।”
उन्होंने ‘रेड कॉरिडोर’ को ‘ग्रीन कॉरिडोर’ में बदलने की बात करते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों को कभी लाल रंग से रंगा गया था, वहां अब संविधान, कानून और विकास का तिरंगा लहरा रहा है।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि यह बदलाव भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर एक सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा, “जनजातीय क्षेत्रों को नक्सलवाद से मुक्त कर हमने आदिवासी युवाओं की ज़िंदगी बचाई और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाया।”
प्रधानमंत्री का यह संबोधन देश के लिए न केवल सुरक्षा और विकास की कहानी है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे सरकार ने आंतरिक चुनौतियों को अवसर में बदला।