पेंड्रा की अनिता बनीं ‘लखपति दीदी’, महिला समूह से मिली नई उड़ान

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही । जिले के पेंड्रा विकासखंड के ग्राम भाड़ी की मध्यमवर्गीय पृष्ठभूमि से आने वाली अनिता आज पूरे इलाके में ‘लखपति दीदी’ के नाम से जानी जाती हैं। उनका यह सफर आसान नहीं था, लेकिन “बिहान योजना” ने उन्हें वो रास्ता दिखाया, जिससे उनकी ज़िंदगी बदल गई।
अनिता ने शुरू से ही कुछ बड़ा करने का सपना देखा था, लेकिन आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के कारण मौके नहीं मिल पाए। जब वे संतोषी महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ीं और बिहान योजना के अंतर्गत लोन मिला, तब उन्होंने अपने सपनों को आकार देना शुरू किया।
उन्होंने 1 लाख रुपये का लोन लेकर हॉलर मिल, दोना-पत्तल निर्माण मशीन और किराना दुकान शुरू की। मेहनत रंग लाई और आज ये तीनों कार्य उनकी स्थायी आमदनी का स्रोत बन चुके हैं। अब वे आत्मनिर्भर हैं, सशक्त हैं और गांव की कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
समूह से मिली नई पहचान, आत्मबल और हौसला
अनिता बताती हैं कि महिला समूह से जुड़ने के बाद उनका आत्मबल बढ़ा, व्यापार की समझ विकसित हुई और आत्मविश्वास ने नई ऊँचाइयों को छुआ। आज वे न सिर्फ 18 हजार रुपये मासिक तक कमा रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी प्रेरित कर रही हैं कि वे भी खुद पर विश्वास करें और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
उन्होंने बताया कि अब गांवों में जो आर्थिक बदलाव आ रहा है, उसमें महिला स्व-सहायता समूहों की बड़ी भूमिका है। अनिता जैसी महिलाएं इस बदलाव की अगुवाई कर रही हैं, जो आने वाले समय में ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल सकती हैं।



