विद्यार्थियों के बीच मनाई गुरु घासीदास जयंती, छात्रावास 300 सीटर करने की घोषणा

राजधानी रायपुर के पेंशनबाड़ा स्थित शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास में परमपूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छात्रावास परिसर पहुंचकर विद्यार्थियों के साथ बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्शों को स्मरण किया और उन्हें नमन किया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश देकर बाबा गुरु घासीदास जी ने समाज को समानता, भाईचारे और सामाजिक समरसता की राह दिखाई। उनका विचार आज भी भेदभाव रहित समाज की प्रेरणा देता है। उन्होंने पेंशनबाड़ा स्थित शासकीय पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावास की क्षमता बढ़ाकर 300 सीटर किए जाने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में वे वर्षों से गुरु घासीदास जयंती में शामिल होते आ रहे हैं, लेकिन विद्यार्थियों के बीच यह आयोजन उनके लिए विशेष सुखद अनुभव है। उन्होंने कहा कि जब समाज असमानता और भेदभाव से जूझ रहा था, तब छत्तीसगढ़ की धरती पर बाबा गुरु घासीदास जी का अवतरण हुआ, जो प्रदेश के लिए गौरव की बात है। सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर उन्होंने समाज को नई दिशा दी।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार बाबा गुरु घासीदास जी के संदेशों को आत्मसात करते हुए प्रदेश के विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। शिक्षा के क्षेत्र में बीते वर्षों में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है और आज के विद्यार्थी आईआईटी, एम्स और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों में अपनी पहचान बना रहे हैं। नई औद्योगिक नीति में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के उद्यमियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, वहीं भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाकर युवाओं को योग्यता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि गुरु घासीदास जी की जयंती तभी सार्थक होगी, जब हम उनके उपदेशों को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने युवाओं से सत्य और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया तथा बताया कि सरकार रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नीशियन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कर रही है।
समारोह में छात्रावास के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक पंथी नृत्य ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में राजमहंत बंशी लाल कुर्रे, संदीप सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




