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2026 में बदलेगी छत्तीसगढ़ पुलिस की तस्वीर, बीट सिस्टम और AI से अपराध पर कसा जाएगा शिकंजा

रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस वर्ष 2026 में पुलिसिंग को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की बड़ी तैयारी में है। इस साल पुलिस का पूरा जोर बीट सिस्टम को प्रभावी और जवाबदेह बनाने पर रहेगा। इसके तहत हर थाना क्षेत्र को छोटे-छोटे बीट में बांटा जाएगा और प्रत्येक बीट के लिए एक जिम्मेदार प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। अपने इलाके में होने वाली हर गतिविधि और घटना की जवाबदेही उसी बीट प्रभारी की होगी।

बीट प्रभारी अपने क्षेत्र में अपराधियों, निगरानी बदमाशों और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखेंगे, साथ ही स्थानीय लोगों से लगातार संवाद बनाए रखेंगे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इससे सामुदायिक पुलिसिंग को भी मजबूती मिलेगी और अपराध पर समय रहते नियंत्रण संभव होगा।

इसके साथ ही छत्तीसगढ़ पुलिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करेगी। नए सॉफ्टवेयर और आधुनिक उपकरणों के जरिए जांच प्रक्रिया को तेज और अधिक सटीक बनाया जाएगा। थाना स्तर से लेकर क्राइम ब्रांच और साइबर सेल तक AI आधारित सिस्टम लागू करने की तैयारी है।

ट्रैफिक व्यवस्था को भी हाईटेक बनाने पर काम होगा। AI तकनीक के जरिए वाहनों की ट्रैकिंग, भीड़ की निगरानी और ट्रैफिक नियंत्रण को ज्यादा प्रभावी किया जाएगा। इसके लिए पुलिस स्टाफ को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

दरअसल, नवंबर 2025 में हुई डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस के बाद पुलिसिंग सुधार को लेकर 107 बिंदुओं का एजेंडा तैयार किया गया है। यह एजेंडा सभी राज्यों को भेजा जा चुका है और एक साल तक इस पर काम किया जाएगा। इसकी समीक्षा इसी साल होने वाली अगली डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस में की जाएगी।

सूखे नशे और संगठित अपराध पर सख्ती

डीजीपी कॉन्फ्रेंस में सूखे नशे के नेटवर्क को तोड़ने पर विशेष जोर दिया गया था। केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्यों को विशेष अभियान चलाने को कहा गया है। छत्तीसगढ़ में रायपुर समेत 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है, ताकि नशे की सप्लाई चेन को खत्म किया जा सके।

साथ ही आतंकवाद और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) को भी मजबूत किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में 24 साल बाद 2025 में ATS थाना शुरू किया गया है और इसमें कार्रवाई भी प्रारंभ हो चुकी है। आने वाले समय में भर्ती प्रक्रिया के जरिए फोर्स बढ़ाई जाएगी और हाईटेक सिस्टम खरीदे जाएंगे।

इन अहम बिंदुओं पर रहेगा फोकस:

महिला अपराधों की रोकथाम,
मानव तस्करी पर नियंत्रण,
साइबर क्राइम की रोकथाम,
बेसिक और सामुदायिक पुलिसिंग,
नशा मुक्ति अभियान,
बाल अपराधों पर सख्ती।

नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में 27 जनवरी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और डिप्टी सीएम विजय शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन 107 बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई और इन्हें लागू करने का रोडमैप तय किया गया। तय किया गया है कि एक साल के भीतर इन सभी बिंदुओं पर काम पूरा कर अगली डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस में इसकी रिपोर्ट पेश की जाएगी।

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