छत्तीसगढ़ न्यूज़ | Fourth Eye News

बारनवापारा अभयारण्य में बाघ गणना की तैयारी तेज, फील्ड स्टाफ को मिला विशेष प्रशिक्षण

बारनवापारा परियोजना मण्डल के अधिकारियों और कर्मचारियों को बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में अखिल भारतीय बाघ अनुमान अभियान के तहत विशेष प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण भारत सरकार के राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा संचालित ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन 2026 चक्र का हिस्सा है।

14 जनवरी को आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बाघों की वैज्ञानिक गणना और निगरानी की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के बाद फील्ड स्टाफ ने क्षेत्र में बाघ अनुमान से जुड़ा कार्य तुरंत शुरू कर दिया है।

वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार भारत में बाघों की संख्या 3,682 दर्ज की गई थी, जो विश्व की कुल बाघ आबादी का लगभग 70 से 75 प्रतिशत है। वर्ष 2026 के छठे चक्र में देशभर के 58 टाइगर रिजर्व सहित अन्य वन क्षेत्रों में बाघों, उनके शिकार प्राणियों और आवास की स्थिति का गहन वैज्ञानिक अध्ययन किया जा रहा है।

इस राष्ट्रीय अभियान में छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम सक्रिय भूमिका निभा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान बाघों की पहचान, पगमार्क, मल और खरोंच जैसे संकेतों का विश्लेषण, कैमरा ट्रैप तकनीक, फील्ड डाटा संग्रहण और आधुनिक निगरानी विधियों पर विशेष जोर दिया गया।

इस प्रशिक्षण से बारनवापारा अभयारण्य में बाघ संरक्षण को मजबूती मिलेगी, अवैध शिकार पर नियंत्रण होगा और वन्यजीव प्रबंधन की गुणवत्ता में सुधार आएगा। फील्ड स्टाफ की दक्षता बढ़ने से बाघ अनुमान कार्य अधिक सटीक और प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकेगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इसे बेहद उपयोगी बताते हुए व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button