मिशन कर्मयोगी पर फोकस: अब हर सरकारी कर्मचारी के लिए अनिवार्य होगा ‘आई-गॉट’ डिजिटल ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म

रायपुर। राज्य प्रशासन ने सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव विकासशील ने सभी विभागों के प्रमुख अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे मिशन कर्मयोगी के तहत ‘आई-गॉट’ ट्रेनिंग प्रोग्राम से अपने-अपने विभाग को अनिवार्य रूप से जोड़ें। साथ ही, अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने मोबाइल के जरिए इस प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड होने के लिए भी कहा गया है।
इस पहल का उद्देश्य कर्मचारियों को उनकी जरूरत के अनुसार स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने कार्यों को अधिक प्रभावी तरीके से कर सकें। मुख्य सचिव ने विभाग प्रमुखों से यह भी कहा कि वे अपने विभाग की आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षण कोर्स तय करें, जिससे कर्मचारियों को बेहतर और लक्षित प्रशिक्षण मिल सके।
‘आई-गॉट’ प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित साधना सप्ताह के मौके पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में सचिव, संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव और अनुभाग अधिकारी मौजूद रहे, वहीं सभी जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।
कार्यशाला में यह जानकारी दी गई कि डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म ‘आई-गॉट’ और ई-एचआरएमएस के माध्यम से कर्मचारियों की क्षमता और कौशल को मजबूत किया जाएगा। साथ ही, इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग से ट्रेनिंग को और अधिक स्मार्ट और प्रभावी बनाया जा रहा है।
प्रशासन ने सभी विभागों में 100% ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि यह पहल न सिर्फ स्किल डेवलपमेंट बल्कि जागरूकता बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। इससे कर्मचारी अपने विभाग की योजनाओं और कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।



