विधानसभा में कैदियों के हाथों बने नमकीन का स्वाद, ‘आस्था कैफे’ पहल की खूब हुई सराहना

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में आज एक अनोखी और प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। केंद्रीय जेल रायपुर में निरुद्ध बंदियों द्वारा संचालित ‘आस्था कैफे’ के तहत तैयार किए गए नमकीन उत्पादों का प्रदर्शन और वितरण किया गया। इन उत्पादों का स्वाद विधानसभा के सदस्यों ने चखा और उनकी गुणवत्ता व स्वाद की जमकर सराहना की।
यह पहल उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य जेल में बंद लोगों को कौशल विकास के जरिए आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि अब जेलों को केवल दंड देने की जगह नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
रायपुर के केंद्रीय जेल में बंदियों को विभिन्न प्रकार के कौशल प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, जिनमें खाद्य उत्पाद निर्माण जैसे कार्य भी शामिल हैं। नमकीन जैसे उत्पादों के निर्माण से बंदियों की कार्यकुशलता बढ़ने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास भी विकसित हो रहा है। इससे सजा पूरी होने के बाद उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने में मदद मिल सकती है।
इस पहल के जरिए बंदियों को न सिर्फ रोजगार के अवसरों से जोड़ा जा रहा है, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। विधानसभा में जनप्रतिनिधियों द्वारा इन उत्पादों की सराहना से बंदियों को भी नई प्रेरणा और उत्साह मिलने की उम्मीद जताई गई।




