जनगणना में बड़ा खेल? करोड़ों लोगों की गिनती के पीछे छिपे सियासी सवाल

भारत में 2026 की जनगणना प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसमें करीब 30 लाख अधिकारी शामिल होंगे। यह देश की सबसे बड़ी जनगणना मानी जा रही है, जो कोविड-19 के कारण देरी के बाद अब शुरू की गई है। यह प्रक्रिया एक साल तक चलेगी और मार्च 2027 तक पूरी होने की संभावना है।
रिपोर्ट के अनुसार इस बार जनगणना डिजिटल तरीके से की जाएगी और इसमें जाति से जुड़ा डेटा भी शामिल किया जाएगा, जो 2011 के बाद पहली बार इस स्तर पर एकत्र किया जाएगा। यह पहल जहां एक ओर डेटा संग्रह के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक बहस का कारण भी बन रही है।
भारत दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन चुका है, और इस जनगणना से देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का बड़ा डेटा सामने आएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंकड़े भविष्य की नीतियों और आरक्षण जैसे मुद्दों पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं।




