बीएमसी चुनाव में दिग्गजों का पतन, कई गढ़ ढहे तो कई नेताओं ने बचाई सियासी विरासत

बीएमसी चुनाव के नतीजों ने इस बार सियासी समीकरण पूरी तरह बदल दिए। लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तरह ही नगर निगम चुनाव में भी कई बड़े नामों को करारी हार का सामना करना पड़ा, जबकि कुछ दिग्गज अपने मजबूत गढ़ को बचाने में सफल रहे।
लगातार 25 वर्षों तक नगरसेवक रहे रवि राजा को इस बार 185 प्रभाग से हार झेलनी पड़ी। प्रभाग नंबर 43 से बीजेपी के विनोद मिश्रा भी दूसरी बार जीत दर्ज नहीं कर सके। चार बार नगरसेविका रहीं शिंदे सेना की राजुल पटेल को कांग्रेस की दिव्या सिंह ने पराजित किया। वहीं एनसीपी नेता नवाब मलिक के भाई कतान मलिक भी चुनावी मैदान में मात खा गए।
दूसरी ओर, जीत दर्ज करने वाले दिग्गजों में शिंदे सेना के संजय घाडी, कांग्रेस के असरफ आजमी, एनसीपी (अजित गुट) की डॉ. सईंदा खान, उद्धव सेना की श्रद्धा जाधव, बीजेपी की तेजस्वी घोसालकर, गणेश खड़कर, मकरंद और हर्षिता नार्वेकर, वीजेपी के दीपक तावड़े और तेजिंदर सिंह तिवाना, कांग्रेस की अजंता यादव शामिल हैं।
चार पूर्व मेयर भी रहे विजयी
इस चुनाव में चार पूर्व महापौरों ने भी जीत का परचम लहराया। उद्धव ठाकरे गुट के मिलिंद वैय, विशाखा राउत, किशोरी पेडणेकर और प्रभाग नंबर 202 से श्रद्धा जाधव ने चुनाव जीतकर अपनी सियासी पकड़ साबित की।
राजन विचारे को बड़ा झटका
ठाणे में उद्धव ठाकरे गुट के साथ खड़े पूर्व सांसद राजन विचारे के लिए यह चुनाव अस्तित्व की लड़ाई बन गया था। उनकी पत्नी नंदिनी विचारे को बीजेपी की काजोल गुणीजन ने वॉर्ड नंबर 12 में 2111 मतों से पराजित कर दिया। लोकसभा और विधानसभा के बाद मनपा चुनाव में यह विचारे परिवार की लगातार तीसरी हार रही।
बीजेपी में बगावत का असर
भिवंडी मनपा चुनाव में बीजेपी के पूर्व विपक्ष नेता श्याम अग्रवाल को पार्टी के ही बागी निर्दलीय उम्मीदवार नितेश ऐनकर ने महज 21 वोटों से हरा दिया। वहीं बीजेपी के नारायण रतन चौधरी ने सबसे बड़ी जीत दर्ज करते हुए 7038 वोटों के अंतर से विजय हासिल की।
प्रतिष्ठा की लड़ाई में मयूरेश पाटील विजयी
पूर्व महापौर विलास पाटील के पुत्र ऐड. मयूरेश पाटील और बीजेपी विधायक महेश चौघुले के पुत्र मित चौघुले के बीच पहली बार मनपा चुनाव में सीधी टक्कर हुई। इस प्रतिष्ठित मुकाबले में मयूरेश पाटील ने 1697 वोटों से जीत दर्ज की।




