धान खरीदी अभियान बना किसानों की उम्मीदों का सहारा, समर्थन मूल्य से खिल उठे चेहरे

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में चल रहा धान खरीदी अभियान किसानों के लिए भरोसे और उम्मीद की नई किरण बन गया है। प्रति क्विंटल 3,100 रुपए समर्थन मूल्य और प्रति एकड़ 21 क्विंटल खरीदी सीमा ने खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में सशक्त कदम बढ़ाया है।
दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत गनियारी स्थित रसमड़ा उपार्जन केंद्र में आज सिलोडा गांव के प्रगतिशील किसान भूपेश सिंह ने अपने दूसरे टोकन से 96 क्विंटल धान बेचा। लगभग 5.19 हेक्टेयर रकबे वाले भूपेश सिंह इससे पहले पहला टोकन भी सफलतापूर्वक बेच चुके हैं। इस वर्ष उन्होंने कावेरी किस्म की खेती की, जिसकी पैदावार ने उन्हें बड़ी राहत और संतोष दिया है। पिछले वर्ष भी उनकी उपज उम्दा रही थी, जिसने उन्हें खेती के प्रति और अधिक आत्मविश्वास दिया।
किसान भूपेश सिंह का कहना है कि धान की फसल उनके लिए सिर्फ अनाज नहीं बल्कि पूरे वर्ष की मेहनत का आधार है। घर-परिवार की जरूरतें, बच्चों की पढ़ाई और आजीविका—सब कुछ इसी पर टिका है। धान ही उनकी रोज़ी-रोटी और जीवन का प्रमुख स्तंभ है।
रसमड़ा उपार्जन केंद्र में खरीदी के दौरान उत्साह का माहौल देखने को मिला। बारदाना भरने, तौल, सिलाई और गुणवत्ता के आधार पर स्टैकिंग जैसे सभी कार्य समिति कर्मचारियों द्वारा व्यवस्थित, पारदर्शी और तेज गति से संपन्न किए जा रहे थे।
भूपेश सिंह ने कहा कि शासन और प्रशासन द्वारा की जा रही सुविधाओं और व्यवस्थाओं से उन्हें बड़ी राहत मिल रही है। इससे खेती के प्रति उनका विश्वास और मजबूत हुआ है। उन्होंने सरकार तथा प्रशासन के प्रति आभार जताया।




