उल्लास कार्यक्रम ने बदली सरजू राम की जिंदगी, साक्षरता से बढ़ा आत्मविश्वास

रायपुर। उल्लास के तहत नवसाक्षर बने सरजू राम ने अपनी पढ़ने-लिखने की यात्रा और उससे आए बदलावों को साझा किया। ग्राम पोड़ी छापर, विकासखंड रामानुजनगर, जिला सूरजपुर निवासी सरजू राम ने बताया कि साक्षर बनने के बाद उनके दैनिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है और आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सरगुजा संभाग के कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा से मुलाकात कर उल्लास कार्यक्रम के माध्यम से मिली शिक्षा, जीवन में आए बदलाव और सीखने के अनुभवों पर चर्चा की। इस अवसर पर सूरजपुर कलेक्टर एस. जयवर्धन भी मौजूद रहे।
कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा ने सरजू राम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उल्लास कार्यक्रम समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। उन्होंने स्वयंसेवी शिक्षक रेशमी कुमारी के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे समर्पित शिक्षकों के प्रयासों से ही नवसाक्षर भारत की दिशा में मजबूत कदम बढ़ रहे हैं।
उल्लास कार्यक्रम के अंतर्गत निरक्षर और नवसाक्षरों को पढ़ने-लिखने के साथ-साथ जीवनोपयोगी कौशल, डिजिटल साक्षरता और आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित किया जा रहा है, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से सशक्त रूप से जुड़ सकें।




