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टोकन और मुआवजे की मार: जांजगीर में किसान ने की आत्महत्या की कोशिश, वीडियो बनाकर बयां किया दर्द

रायपुर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां सरकारी तंत्र से निराश एक किसान ने जहर पीकर आत्महत्या की कोशिश की। अकलतरा थाना क्षेत्र के ग्राम सांकर निवासी 45 वर्षीय किसान अनुराग सिंह चंदेल ने धान बिक्री का टोकन नहीं मिलने और भारतमाला परियोजना के तहत जमीन का पूरा मुआवजा न मिलने से आहत होकर यह कदम उठाया।

बुधवार को किसान ने एक वीडियो बनाकर अपना दर्द साझा किया और कहा कि “यहां किसान का कोई नहीं है।” वीडियो बनाने के बाद उसने कीटनाशक पी लिया। परिजन तत्काल उसे बिलासपुर के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

अनुराग सिंह पिछले एक महीने से धान बेचने के लिए खरीदी केंद्रों के चक्कर काट रहा था, लेकिन टोकन नहीं मिल पाया। इस साल उसने करीब 250–300 क्विंटल धान की फसल उगाई थी, लेकिन एक दाना भी नहीं बेच सका। वहीं, भारतमाला परियोजना के तहत उसकी 4 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई, जिसके बदले उसे केवल 50–60 डिसमिल जमीन का मुआवजा मिलने की बात कही गई। इससे वह मानसिक और आर्थिक रूप से टूट गया था।

किसान पर कर्ज का बोझ भी था और उसने कुछ जमीन बेचकर गुजारा करने की कोशिश की थी। शिकायतों के बावजूद सुनवाई नहीं होने से वह पूरी तरह हताश हो गया। घटना के बाद प्रशासन ने आनन-फानन में धान बिक्री का टोकन काटा है।

इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ने कहा कि “भाजपा शासन में धान बेचना किसानों के लिए जानलेवा हो गया है। टोकन के नाम पर किसानों को भटकाया जा रहा है, रकबा घटाया जा रहा है और भुगतान रोका जा रहा है।” वहीं भाजपा का कहना है कि लाखों किसानों से धान खरीदी हो रही है और कुछ मामलों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।

यह घटना एक बार फिर प्रदेश में किसानों की बदहाल स्थिति और सरकारी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही है।

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