यूएन रिपोर्ट: पूरी दुनिया में संघर्षों की संख्या WWII के बाद सबसे ज्यादा, 2026 होगा और खून‑खराबे वाला साल?

काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस और अन्य वैश्विक रिपोर्टों के मुताबिक, दुनिया 2026 में दूसरे विश्व युद्ध के बाद सशस्त्र संघर्षों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। यूक्रेन युद्ध, गाज़ा और वेस्ट बैंक में दोबारा भड़कती हिंसा, सूडान का गृहयुद्ध, म्यांमार, साहेल और अफ्रीका के कई हिस्सों में चल रही लड़ाइयों ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
रिपोर्ट में खास तौर पर चेताया गया है कि रूस‑यूक्रेन युद्ध में इन्फ्रास्ट्रक्चर और सिविलियन टारगेट्स पर हमले बढ़ सकते हैं, गाज़ा में मानवीय आपदा और गहराएगी, जबकि चीन‑ताइवान और साउथ चाइना सी में छोटी चिंगारी भी बड़े युद्ध में बदल सकती है। वहीं, खुद अमेरिका के भीतर भी राजनीतिक हिंसा और सिविल अनरेस्ट का खतरा “हाई‑लाइकली, हाई‑इंपैक्ट” कैटेगरी में पहुंच चुका है। ऐसे में ट्रंप प्रशासन की आक्रामक विदेश नीति, वेनेजुएला जैसे ऑपरेशन और गठबंधनों पर दबाव, नए मिसकैल्कुलेशन की गुंजाइश और बढ़ा रहे हैं।




