अमेरिका की चेतावनी से हिला पाकिस्तान, दो मोर्चों पर जंग का साया

पाकिस्तान के भविष्य को लेकर एक बार फिर खतरे की घंटी बज गई है। अमेरिकी थिंक टैंक की ताज़ा चेतावनी ने इस्लामाबाद से लेकर रावलपिंडी तक बेचैनी बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक 2026 पाकिस्तान के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण साल बन सकता है, जहां एक नहीं बल्कि दो मोर्चों—भारत और अफगानिस्तान—से टकराव की आशंका जताई गई है।
काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (CFR) की ‘कॉन्फ्लिक्ट्स टू वॉच 2026’ रिपोर्ट में कहा गया है कि कश्मीर में बढ़ती आतंकी गतिविधियां भारत-पाकिस्तान के बीच नए सैन्य टकराव को जन्म दे सकती हैं। यह संघर्ष न सिर्फ दक्षिण एशिया बल्कि वैश्विक राजनीति को भी प्रभावित कर सकता है, क्योंकि इसके असर अमेरिकी हितों तक पहुंचने की बात कही गई है।
रिपोर्ट यहीं नहीं रुकती। पाकिस्तान के पश्चिमी दरवाजे पर भी खतरे की आहट है। सीएफआर के अनुसार, अफगानिस्तान के साथ सीमा पर बढ़ती हिंसा 2026 में सशस्त्र संघर्ष में बदल सकती है। डूरंड रेखा पर हालिया झड़पें, एक-दूसरे पर हमलों के आरोप और सीमा चौकियों पर कब्जे की होड़ इस आशंका को और गहरा कर रही है।
हाल के महीनों में भारत-पाकिस्तान के बीच ड्रोन और मिसाइल हमलों वाला सीमित युद्ध और दोनों देशों द्वारा रक्षा खरीद में तेज़ी इस बात का संकेत है कि हालात सामान्य नहीं हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है—क्या 2026 पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा इम्तिहान साबित होगा?



