क्या डर गई भारत सरकार UN क्लाइमेट समिट से पीछे हटने पर उठे सवाल

भारत ने 2028 में होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन COP33 की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी वापस ले ली है। यह जानकारी 08 अप्रैल 2026 को सामने आई, लेकिन इसके पीछे का कारण आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रस्ताव पहले प्रधानमंत्री द्वारा रखा गया था, लेकिन बाद में “कमिटमेंट की समीक्षा” के बाद इसे वापस ले लिया गया। यह निर्णय एशिया-पैसिफिक समूह को एक पत्र के माध्यम से सूचित किया गया।
इस कदम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर ऐसे समय में जब जलवायु परिवर्तन वैश्विक एजेंडा का प्रमुख मुद्दा है। भारत जैसे बड़े देश का पीछे हटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
पर्यावरण मंत्रालय और UN क्लाइमेट सचिवालय ने इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। इससे स्थिति और अधिक रहस्यमयी बन गई है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह फैसला भारत की रणनीतिक प्राथमिकताओं में बदलाव का संकेत हो सकता है। हालांकि इसके वास्तविक कारण अभी सामने नहीं आए हैं।



