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बस्तर के विकास का मेगा ब्लूप्रिंट: सीएम ने पीएम को सौंपी नई दिशा, मानसून बाद दौरे का न्योता

Mega Blueprint for Bastar's Development: CM Hands Over New Direction to PM, Invites Visit After Monsoon

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के लिए एक व्यापक और दूरदर्शी विकास खाका प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में नक्सलवाद के समाप्त होने के बाद स्थापित शांति के लिए आभार जताते हुए बस्तर को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने की योजना साझा की। साथ ही मानसून के बाद प्रधानमंत्री को बस्तर दौरे का आमंत्रण भी दिया, जहां कई बड़ी परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की तैयारी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर अब नक्सलवाद के साए से बाहर निकल चुका है और क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। एजुकेशन सिटी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, इंद्रावती नदी पर बैराज, रेल लाइन और एयरपोर्ट विस्तार जैसे प्रोजेक्ट्स से कनेक्टिविटी और सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा।

उन्होंने कहा कि एक दशक पहले देखा गया शांति और विकास का सपना अब धरातल पर उतर रहा है। बस्तर के लोगों में अब डर की जगह उम्मीद और विकास का भरोसा नजर आ रहा है, जिससे क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बन रहा है।

यह विकास ब्लूप्रिंट ‘सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज’ रणनीति पर आधारित है, जिसके तहत दूरस्थ गांवों को सड़कों और पुलों के जरिए जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधूरे कार्यों को 2027 तक पूरा करने और नई सड़कों व पुलों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, साथ ही कई परियोजनाओं के लिए केंद्रीय सहायता की मांग भी की गई है।

ऊर्जा, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़े सुधार प्रस्तावित हैं। हर घर तक बिजली पहुंचाने, पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदलने, स्टेडियम और मल्टीपर्पज हॉल बनाने तथा स्वास्थ्य केंद्रों के विस्तार पर जोर दिया गया है।

कृषि और सिंचाई को मजबूत करने के लिए इंद्रावती नदी पर बड़े प्रोजेक्ट्स स्वीकृत किए गए हैं, जिससे हजारों हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी और किसानों की स्थिति बेहतर होगी।

सरकार ने आजीविका बढ़ाने के लिए तीन वर्षीय योजना बनाई है, जिसमें 2029 तक अधिकांश परिवारों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है, जिससे अधिक जिलों को लाभ मिलेगा।

‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत@2047’ के तहत स्टार्टअप नीति लागू कर 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी नेशनल पार्क, एडवेंचर टूरिज्म, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन क्षेत्र को नई पहचान दे रहे हैं। साथ ही बड़ी संख्या में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ा जा चुका है।

‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम के जरिए हर ग्राम पंचायत में शिविर लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे देने और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान करने की योजना है, जिससे विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे में रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट विस्तार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दंतेवाड़ा मेडिकल कॉलेज और एजुकेशन सिटी जैसी कई बड़ी परियोजनाओं को जमीन पर उतारने की तैयारी है, जो बस्तर के भविष्य को नई दिशा देंगी।

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