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बिहान से जुड़ी महिला के निधन के बाद परिवार को मिला त्वरित आर्थिक सहारा, 2 लाख की बीमा राशि स्वीकृत

रायपुर। ग्रामीण गरीब परिवारों, खासकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार की योजनाएं संकट के समय भी मजबूत सहारा साबित हो रही हैं। स्वयं-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को कौशल, आजीविका और वित्तीय सुरक्षा से जोड़ने वाला राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) इसका सशक्त उदाहरण है।

सुकमा जिले में प्रशासन के मार्गदर्शन में यह पहल जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू की जा रही है। जिले के अंतिम छोर पर स्थित विकासखंड कोंटा की राधा कृष्णा महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य अर्पणा बोस ढोेंद्रा का 17 अक्टूबर 2025 को आकस्मिक निधन हो गया। इस दुखद घटना के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उनके बैंक खाते से जुड़ी प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत बीमा दावा तैयार कराया।

आवश्यक दस्तावेजों के साथ यह प्रकरण भारतीय स्टेट बैंक, कोंटा शाखा में जमा किया गया। बैंक और संबंधित विभागों की समयबद्ध प्रक्रिया के चलते 26 दिसंबर 2025 को मृतक सदस्य के नामिनी टिंकू बोस को 2 लाख रुपये की बीमा राशि स्वीकृत कर सीधे उनके खाते में जमा कर दी गई।

इस पूरी प्रक्रिया में बिहान परियोजना से जुड़े पीआरपी, एफएलसीआरपी और बैंक अधिकारियों का सहयोग सराहनीय रहा। समय पर मिली आर्थिक सहायता ने शोकाकुल परिवार को बड़ा संबल दिया।
यह घटना दर्शाती है कि शासकीय योजनाएं, विशेषकर बिहान और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, संकट की घड़ी में जरूरतमंद परिवारों के लिए सुरक्षा कवच बन रही हैं। 18 से 50 वर्ष के बैंक खाताधारकों को 2 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर देकर ये योजनाएं सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं।

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