कमजोर पड़ेगा मानसून या बढ़ेगा संकट मौसम विभाग की चेतावनी से मचा हड़कंप

भारत में 2026 का मानसून सामान्य से कमजोर रहने की आशंका ने कृषि और अर्थव्यवस्था को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। निजी मौसम एजेंसी स्काइमेट के अनुसार इस वर्ष मानसून सामान्य से लगभग 94 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो औसत से कम माना जाता है।
रिपोर्ट के मुताबिक जून से सितंबर के बीच होने वाली बारिश में खासकर दूसरे हिस्से में कमी देखी जा सकती है। यह स्थिति एल नीनो जैसे वैश्विक मौसमीय प्रभावों के कारण बन रही है, जो अक्सर बारिश को कमजोर कर देता है।
भारत की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा अभी भी मानसून पर निर्भर है, खासकर कृषि क्षेत्र में। ऐसे में कमजोर मानसून का असर खाद्य उत्पादन, महंगाई और ग्रामीण आय पर पड़ सकता है। यह स्थिति सरकार के लिए भी चुनौती बन सकती है क्योंकि खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी से आम जनता पर सीधा असर पड़ता है।
सरकारी एजेंसी भारत मौसम विज्ञान विभाग जल्द ही अपना आधिकारिक पूर्वानुमान जारी करने वाली है, जिस पर अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल निजी एजेंसी की चेतावनी ने नीति निर्माताओं और किसानों के बीच चिंता बढ़ा दी है।



