तेहरान में भारतीय कूटनीति का डंका: ईरान संकट के बीच चाबहार रूट पर भारत का दबदबा बरकरार, पाकिस्तान-चीन का ‘गेम ओवर’!

खाड़ी में बारूद बरस रहा है, लेकिन भारतीय कूटनीति की ढाल इतनी मजबूत है कि भारत के हितों को आंच तक नहीं आ रही है। पिछले 24 घंटों की सबसे बड़ी रणनीतिक खबर यह है कि ईरान के नए नेतृत्व और भारतीय राजनयिकों के बीच चाबहार बंदरगाह (Chabahar Port) और इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) को लेकर बेहद अहम और गोपनीय सहमति बनी है। ईरान ने भारत को आश्वस्त किया है कि चाहे अमेरिका के साथ उनका युद्ध कितना भी भयानक क्यों न हो जाए, चाबहार प्रोजेक्ट पर भारत का नियंत्रण और वहां से होने वाला व्यापार पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। भारत इस रूट के जरिए पाकिस्तान को पूरी तरह बाईपास करके मध्य एशिया और यूरोप तक अपनी सीधी और आक्रामक पहुंच बना रहा है। चीन का सीपीईसी (CPEC) और पाकिस्तान का ग्वादर पोर्ट इस समय पूरी तरह अप्रासंगिक हो चुके हैं। युद्ध के इस दौर में भी ईरान द्वारा भारत को सर्वोच्च प्राथमिकता देना यह दिखाता है कि भारत की ‘मल्टी-अलाइनमेंट’ नीति ने भू-राजनीति के बिसात पर दुश्मनों को पूरी तरह चित कर दिया है।



