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जगदलपुर : माओवादियों ने माना पुलिस गोली से मारे गए 65 लड़ाके

जगदलपुर : छत्तीसगढ़ के बस्तर में माओवादी प्रवक्ता गणेश उईके ने स्वीकारा है कि इस वर्ष उनके 65 लड़ाके मुठभेड़ में मारे गए हैं। इधर पुलिस अधिकारियों ने इन आंकड़ों का खंडन करते हुए 200 से अधिक नक्सलियों के मारे जाने का दावा किया है। जारी विज्ञप्ति में दक्षिण सब जोनल ब्यूरो भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माओवादी प्रवक्ता गणेश उईके ने 2 से 8 दिसंबर तक पीएलजीए की स्थापना दिवस जोश खरोश से मनाने की अपील भी की है। जारी विज्ञप्ति के माध्यम से बताया है कि केंद्रीय कमेटी व पोलित ब्यूरो सदस्य अरविंद की गंभीर बीमारी के बाद 65 साल की उम्र में मौत हो गयी है। इसके अलावा तेलंगाना बॉर्डर तजपाल प्रभाकर सहित दरभा डिविजनल के पाली, सीनू, नंदू, साईनाथ, लता, कैलाश मीना, रोशनी, सहित 10 नक्सली मुठभेड़ में मारे गए हैं।

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इस तरह सितंबर 2017 से 2018 के बीच उनके 65 लड़के ढेर हुए हैं। मारे गए इन नक्सलियों में आयाम क्रांति, डोडी, बुधराम ओयाम, रुकनी, जैनी, ओयाम कामा, हिरदो भिमाल, वजाम हिड़मे, इसके अलावा सोढ़ी सीताल, सोढ़ी लखपाल, उइके माढ़ा, नुप्पो मुत्तल, दरभा डिविजनल के उधम सिंह, मरकाम सुकराम, ज्योति सहित अन्य नक्सली मारे गए हैं।

गणेश उइके ने साल भर में मारे गए सभी नक्सलियों को शहीद करार दिया है। प्रेस विज्ञप्ति में कई फर्जी मुठभेड़ फोर्स के द्वारा किए जाने की बात लिखी है। मुठभेड़ों का जिक्र करते प्रवक्ता ने आइपेंटा में 8,तिम्मेदम मुठभेड़ में 8 और सानपुर मुठभेड़ में 40 नक्सलियों के मारे जाने की बात कबूल की है, साथ ही नुलकातोंग में 15 आम ग्रामीणों को फोर्स द्वारा मारे जाने का आरोप लगाया है।

200 से अधिक नक्सली मारे गये- डांगी

डीआईजी रतन लाल डांगी ने गणेश उइके के दिये आकड़ों को झूठा करार देते बताया की एक साल में लगभग 200 नक्सली मारे गये हंैं, उनमें से 125 शवों को बरामद किया गया है। उन्होंने कहा है की कई नक्सलियों के शवों को वो ले जाने में कामयाब हो जाते हैं और दफना देते है, जिसका हिसाब नहीं है, पर इन एक साल में नक्सलियों को भारी नुकसान हुआ है और आगे भी होगा, बस्तर में जल्द नक्सलवाद का खात्मा होगा।