रायपुर। छत्तीसगढ़ में सोशल मीडिया पर मर्यादा तोड़ने का मामला अब कानून के कठघरे में पहुंच गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी करने के मामले में इन्फ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
मामला 23 दिसंबर 2025 का है, जब आकांक्षा टोप्पो ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इस वीडियो में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाकर प्रस्तावित आंगनबाड़ी भवन निर्माण को लेकर उसने जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कथित तौर पर अशोभनीय और मर्यादाहीन भाषा का इस्तेमाल किया। वीडियो के वायरल होते ही राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।
इस पर भाजपा जिला मंत्री और सीतापुर भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष ने सीतापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि वीडियो में जनप्रतिनिधियों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का प्रयोग किया गया है। जांच के बाद पुलिस ने 24 दिसंबर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) के तहत एफआईआर दर्ज की।
शुक्रवार को सीतापुर पुलिस ने आकांक्षा टोप्पो को गिरफ्तार किया। चूंकि इस धारा के तहत अधिकतम तीन साल की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है, इसलिए आरोपी को जमानत योग्य अपराध मानते हुए मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
क्या है पूरा विवाद?
पूरा मामला सीतापुर क्षेत्र के बटईकेला का है, जहां शासकीय भूमि खसरा नंबर 1784 पर एक परिवार के कब्जे की बात सामने आई है। इसी भूमि पर आंगनबाड़ी भवन निर्माण प्रस्तावित है और निर्माण कार्य शुरू भी हो चुका है। काबिज परिवार ने प्रशासन को आवेदन देकर दावा किया है कि उनके पास रहने के लिए कोई अन्य जगह नहीं है और परिवार में चार दिव्यांग सदस्य हैं। इस संबंध में सरगुजा कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा गया है।
पहले भी विवादों से रहा है नाता
यह पहला मौका नहीं है जब आकांक्षा टोप्पो विवादों में घिरी हो। इससे पहले भी अंबिकापुर की सड़क से जुड़े एक मामले में गाली-गलौच वाला वीडियो पोस्ट करने को लेकर वह चर्चा में रही थी। जनप्रतिनिधियों और विभिन्न वर्गों के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणियों के मामलों में उसके खिलाफ कमलेश्वरपुर थाने में पहले भी एफआईआर दर्ज हो चुकी है।
इस ताज़ा कार्रवाई ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर मर्यादा लांघने वालों के खिलाफ कानून अब सख्त रुख अपनाने से पीछे नहीं हटेगा।







