डिजिटल व्यवस्था ने आसान बनाया धान विक्रय, किसान बोले– अब बिना परेशानी बिक रहा धान

रायपुर। प्रदेश में धान उपार्जन की नई व्यवस्था किसानों के लिए राहत बनकर सामने आई है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में सरकार ने धान खरीदी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और तकनीक से जोड़कर किसानों को सीधा लाभ पहुंचाया है। ऑनलाइन टोकन, तेज उठाव और पारदर्शी भुगतान से किसानों का भरोसा मजबूत हुआ है।
कांकेर जनपद पंचायत के ग्राम सातलोर निवासी किसान धनराज सलाम ने धान उपार्जन केंद्र पटौद में अपने अनुभव साझा किए। उनके पास 5.50 एकड़ कृषि भूमि है। पहले टोकन में उन्होंने 30.80 क्विंटल धान बेचा था और दूसरे टोकन में 71.60 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया। उन्होंने बताया कि दोनों ही बार टोकन कटवाने से लेकर धान बेचने तक किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई।
‘टोकन तुंहर हाथ’ ऐप से आसानी से टोकन मिलने के कारण धान विक्रय का काम समय पर और सुचारू रूप से हो सका। धनराज के अनुसार, उपार्जन से मिली राशि का उपयोग वे खेती से जुड़ी मरम्मत और घरेलू जरूरतों में करेंगे। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था से न केवल पारदर्शिता बढ़ी है बल्कि धान के उठाव में भी तेजी आई है, जिससे किसानों को बार-बार केंद्र के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।




