डिजिटल व्यवस्था से आसान हुआ धान विक्रय, किसान बोले—पारदर्शिता और समर्थन मूल्य से बढ़ी आमदनी

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशों के तहत जिले में धान उपार्जन केंद्रों की कार्यप्रणाली को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाया गया है, जिससे किसानों के लिए धान बेचने की प्रक्रिया काफी सरल हो गई है। डिजिटल तकनीक और किसान हितैषी नीतियों का सीधा लाभ ग्रामीण अंचलों तक पहुंच रहा है।
ग्राम पंचायत करजी, शिवपुर के किसान निश्चल मेहता ने धान उपार्जन व्यवस्था पर संतोष जताते हुए बताया कि उन्होंने लगभग 100 क्विंटल (250 बोरी) धान का विक्रय किया है। किसान तुंहर टोकन ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन काटने की सुविधा ने किसानों को बड़ी राहत दी है। अब घर बैठे मोबाइल से ही टोकन मिलने से समिति कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते और समय की बचत होती है।
उपार्जन केंद्र पहुंचने पर उन्हें तुरंत गेट पास, नमी परीक्षण और बारदाना उपलब्ध कराया गया। पूरी प्रक्रिया सुचारु रहने से धान विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। समिति केंद्र में किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं मौजूद हैं और कर्मचारी सहयोगात्मक रवैया अपनाए हुए हैं।
निश्चल मेहता ने बताया कि सरकार द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर धान खरीदा जा रहा है तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक खरीदी से किसानों को अच्छा आर्थिक लाभ मिल रहा है। धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग वे गेहूं, तिलहन और सब्जी की खेती में कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि किसान हितैषी नीतियों के चलते प्रदेश का किसान अब अधिक आत्मनिर्भर और सशक्त बन रहा है। धान उपार्जन की पारदर्शी व्यवस्था और बेहतर मूल्य मिलने से किसानों का भरोसा शासन पर और मजबूत हुआ है।




