धान के बाद रबी की ओर दंतेवाड़ा के किसान, दलहन-तिलहन से बढ़ी आमदनी

रायपुर। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के जरिए दंतेवाड़ा जिले में खेती की तस्वीर तेजी से बदल रही है। इस योजना के तहत रबी सीजन में दलहन और तिलहन फसलों के विस्तार पर खास फोकस किया जा रहा है। चना, मटर, मूंग, उड़द जैसी दलहन और सरसों, मूंगफली जैसी तिलहन फसलों को अपनाने से न सिर्फ उत्पादन बढ़ रहा है, बल्कि किसानों की आय में भी सुधार देखने को मिल रहा है।
कम उत्पादकता वाले इलाकों में सिंचाई सुविधाओं और आधुनिक कृषि तकनीक के उपयोग से खेती को लाभकारी बनाया जा रहा है। ग्राम चंदेनार के किसान शिवराम इसका उदाहरण हैं। पहले वे केवल खरीफ में धान की खेती करते थे, लेकिन योजना की जानकारी मिलने के बाद रबी में मटर की खेती शुरू की। बेहतर तकनीकी मार्गदर्शन और उचित बाजार मूल्य के चलते उनकी लागत घटी और मुनाफा बढ़ा। अब वे अन्य किसानों को भी दलहन फसलों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
धान कटाई के बाद खाली रहने वाली जमीन अब रबी फसलों से भर रही है। जिले में पहली बार बड़े पैमाने पर परती भूमि में दलहन और तिलहन की बुवाई हो रही है, जिससे खेत सालभर उपयोग में आ रहे हैं। दोहरी फसल प्रणाली से किसानों को अतिरिक्त आमदनी मिल रही है।
दलहन फसलों से मिट्टी की सेहत में भी सुधार हो रहा है। इन फसलों की जड़ों में मौजूद राइजोबियम बैक्टीरिया मिट्टी में नाइट्रोजन बढ़ाते हैं, जिससे रासायनिक खाद पर निर्भरता कम होती है। जिला प्रशासन, कृषि विभाग और एफपीओ के समन्वय से किसानों को समय पर बीज-खाद और बाजार से जुड़ाव मिल रहा है।
रबी फसलों के प्रति बढ़ती रुचि दंतेवाड़ा को एकल फसली क्षेत्र से बहु-फसली जिले में बदल रही है। आने वाले समय में दलहन-तिलहन उत्पादन से जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।




