भारत में चांदी की कीमत में 5% धक्काः निवेशकों में चिंता, अर्थव्यवस्था पर असर?

14 फ़रवरी, 2026 को भारत में चांदी (Silver) की कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट देखी गयी, जब भारत के मार्केट में चांदी की कीमत 5% बैरियर तोड़ते हुए ₹2.80 लाख/किग्रा तक गिर गई। इस अचानक गिरावट ने निवेशकों और व्यापारियों के बीच चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि यह गिरावट घरेलू और वैश्विक मांग के संकेतकों में अलगाव दर्शाती है।
विश्लेषकों के मुताबिक, चांदी की मांग में कमी, वैश्विक आर्थिक मंदी के संकेत और निवेश बाजार में अन्य कमोडिटी विकल्पों की ओर रुझान ने इस गिरावट को प्रेरित किया। MCX पर ट्रेडिंग के दौरान चांदी में उतार-चढ़ाव ने बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह गिरावट जारी रहती है तो यह केवल चाँदी ही नहीं, बल्कि सोने और अन्य कीमती धातुओं के जोखिम/रिटर्न प्रोफ़ाइल को भी प्रभावित कर सकती है। निवेशक इस समय रीयल एस्टेट, कॉर्पोरेट बॉन्ड्स और इक्विटी जैसे अन्य साधनों में अपनी पूँजी संग्रहित करने की सोच सकते हैं।
हालांकि कुछ ट्रेडर ने कहा कि यह गिरावट एक शॉर्ट-टर्म ओवररीएक्शन भी हो सकती है और संभावित समर्थन स्तर के पास चढ़ाव देख सकता है, लेकिन फिलहाल बाजार की धारणा नकारात्मक बनी हुई है।
यह गिरावट तब आई है जब निवेशक वैश्विक आर्थिक संकेतकों और मुद्रास्फीति दर के आंकड़ों पर नजर रख रहे हैं। यदि प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में बदलाव होता है, तो इससे चांदी सहित क्रूसियल कमोडिटी मार्केट सीरीज में और उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रहेगी।



