खुज्जी के 16 में से सिर्फ 1 काम स्वीकृत! विधानसभा में भोलाराम साहू के सवालों पर CM विष्णुदेव साय का जवाब

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज जल संसाधन विभाग से जुड़ा एक अहम मामला उठा, जो खुज्जी विधानसभा क्षेत्र से संबंधित है। खुज्जी के विधायक भोलाराम साहू ने अपने क्षेत्र में बजट में शामिल कार्यों की धीमी प्रगति को लेकर सरकार से तीखे सवाल किए। सदन में इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जवाब दिया।
विधायक भोलाराम साहू ने वर्ष 2024-25 के बजट का हवाला देते हुए कहा कि उनके क्षेत्र के लिए 16 कार्य बजट में शामिल किए गए थे। लेकिन अब तक केवल एक कार्य को ही प्रशासकीय स्वीकृति मिली है, जिसकी लागत लगभग 4 करोड़ 9 लाख रुपये है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि इस कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति किस तारीख को दी गई, निविदा कब जारी हुई, टेंडर कब खुला और कार्य आदेश कब दिया गया?
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जवाब में बताया कि संबंधित कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति 13 अगस्त 2025 को दी गई थी। यह पाइपलाइन से जुड़ा कार्य था, जो फरवरी 2026 में पूर्ण हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह कैनाल डैमेज का मामला था, जिसे पाइपलाइन के माध्यम से जोड़ा गया ताकि पानी की हानि कम हो और किसानों को लाभ मिले।
भोलाराम साहू ने इसके बाद समय-सीमा पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि कार्य को पूरा करने के लिए कितनी अवधि तय की गई थी और निर्धारित समय में इसे कैसे पूरा किया गया? मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्य कम समय में पूरा हुआ है और यह किसानों के हित में है।
इसके बाद विधायक ने दूसरा मुद्दा उठाया—ग्राम थहा डबरी नदी किनारे पेचिंग कार्य का। उन्होंने बताया कि यह प्रस्ताव 16 जून 2024 से मुख्य अभियंता कार्यालय में लंबित है। उन्होंने पूछा कि क्या कार्यों को लंबित रखने की कोई समय-सीमा तय है और यदि है तो कितने दिनों तक फाइल रोकी जा सकती है?
मुख्यमंत्री ने कहा कि शेष कार्य विभिन्न स्तरों पर प्रक्रियाधीन हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसानों के खेत तक पानी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछली सरकार ने पांच वर्षों में लगभग 5977 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी थी, जबकि वर्तमान सरकार ने दो वर्षों में 10,712 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।
लेकिन विधायक भोलाराम साहू ने फिर कहा कि जब 16 में से 15 कार्य अभी भी स्वीकृत नहीं हुए हैं, तो किसानों को लाभ कैसे मिलेगा? उन्होंने स्पष्ट समय-सीमा की मांग की और पूछा कि क्या शेष कार्य इसी वित्तीय वर्ष में पूरे होंगे या नहीं।
मुख्यमंत्री ने दोबारा कहा कि सभी कार्य प्रक्रिया में हैं और प्रक्रिया पूरी होने पर स्वीकृति दी जाएगी, हालांकि उन्होंने कोई निश्चित समय-सीमा घोषित नहीं की।
बहस के दौरान हल्की नोकझोंक भी हुई, लेकिन सभापति के हस्तक्षेप के बाद प्रश्न क्रमांक 204 पर चर्चा समाप्त कर दी गई।
यह मुद्दा सीधे तौर पर किसानों और सिंचाई व्यवस्था से जुड़ा है। अब नजर इस बात पर है कि खुज्जी विधानसभा क्षेत्र के बाकी 15 कार्यों को कब तक स्वीकृति मिलती है और जमीन पर उनका काम कब शुरू होता है।




