सरगुजा में महिलाओं का कमाल: ‘आशा बिहान बाजार’ से अब गांव के उत्पाद सीधे बाजार तक

रायपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की मजबूत राह तैयार कर रहा है। छत्तीसगढ़ में इस मिशन के अंतर्गत चल रही बिहान योजना ने महिला स्व-सहायता समूहों को संगठित कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य किया है।
इसी पहल के अंतर्गत सरगुजा जिले में “आशा बिहान बाजार” की शुरुआत की गई है, जो ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को सीधा बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अम्बिकापुर विकासखंड के किशुनगर से जुड़ी आशा रवि ने इस बाजार की नींव रखकर महिला स्वावलंबन की मिसाल पेश की है।
अब तक शुद्ध सरसों तेल, मल्टीग्रेन आटा, अचार और हस्तशिल्प जैसे उत्पादों को उचित बाजार नहीं मिल पाता था, जिससे बिक्री में दिक्कत आती थी। इस चुनौती को अवसर में बदलते हुए आशा रवि ने वित्तीय सहयोग से संगठित विक्रय केंद्र स्थापित किया। अम्बिकापुर के भट्ठी रोड स्थित फूडपार्क के सामने खुले इस बाजार में समूहों द्वारा तैयार नेचुरल उत्पाद उपलब्ध हैं।
‘लखपति महिला पहल’ के तहत 10 लाख रुपये की स्वीकृति में से 5 लाख रुपये की पहली किश्त जारी की जा चुकी है। इसी राशि से बाजार की आधारशिला रखी गई। इस पहल से न केवल स्थानीय उत्पादों को पहचान मिलेगी, बल्कि सैकड़ों महिलाओं की आय में भी बढ़ोतरी होगी।
उद्घाटन समारोह में जनप्रतिनिधियों ने इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने वाला कदम बताया। यह पहल महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूत करती है।




