शहरों में सिटी गैस इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की शुरुआत – लाभ या विवाद?

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सिटी गैस इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की शुरुआत की, जिसके तहत रायपुर, बलोदा बाज़ार और गरियाबंद जिलों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और CNG की सुविधा दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल स्थानीय निवासियों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए है।
सरकार का दावा है कि इससे जनता को सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन मिल सकेगा और वाहनों के प्रदूषण में कमी आएगी। हालांकि इस प्रस्ताव ने कुछ व्यापारियों और उद्योगपतियों के बीच चिंताएँ भी पैदा की हैं। वे पूछ रहे हैं कि क्या इस प्रोजेक्ट से छोटे गैस एजेंसियों और पारंपरिक ऊर्जा आपूर्तिकर्ताओं के कारोबार पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
कुछ विरोधी समूहों ने तर्क दिया कि इस प्रोजेक्ट को लागू करने की प्रक्रिया में स्थानीय आबादी की इच्छाओं और लागतों पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया। आलोचकों का कहना है कि सस्ती गैस प्रदान करने के वादे के बावजूद, उपभोक्ताओं के लिए शुल्क और वितरण संरचना अस्पष्ट बनी हुई है।
फिलहाल सरकारी अधिकारियों का कहना है कि प्रोजेक्ट के विस्तृत लाभ और वितरण मॉडल जल्द ही जनता के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।




