महिला दिवस पर कोरबा में ‘महतारी वंदन सम्मेलन’, उत्कृष्ट महिलाओं का हुआ सम्मान

रायपुर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी और सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के आतिथ्य में कोरबा नगर के राजीव गांधी ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय महतारी वंदन सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया तथा बाल विवाह मुक्त घोषित पंचायतों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में महापौर संजू देवी राजपूत, नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, कलेक्टर कुणाल दुदावत, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी तरुण कुमार किरण, जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग, जिला कार्यक्रम अधिकारी बसंत मिंज सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री लखन लाल देवांगन ने सभी माताओं, बहनों और बेटियों को महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और राजनीति सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से महिलाओं को आगे बढ़ने के नए अवसर मिल रहे हैं। पंचायतों में 50 प्रतिशत आरक्षण से महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व मजबूत हुआ है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। प्रदेश में महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक मजबूती मिल रही है। लखपति दीदी योजना और तेंदूपत्ता संग्रहण जैसे कार्यों से भी ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों की महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि समाज के समग्र विकास में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत जिले की 2,93,859 पात्र महिलाओं को हर महीने डीबीटी के माध्यम से 1,000 रुपये की सहायता राशि दी जा रही है। साथ ही बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत जिले की 297 ग्राम पंचायतों और 3 नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को कोरबा जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने की शपथ भी दिलाई गई। साथ ही नगर पालिका परिषद दीपका, कटघोरा और नगर पंचायत छुरीकला के प्रतिनिधियों को बाल विवाह मुक्त होने का प्रमाण पत्र दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को भी सम्मानित किया गया।



