कल धराशायी, आज उछाल, क्या भारतीय बाजार डर से खेल रहा है

20 मार्च 2026 को रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय शेयर बाजार ने पिछले कारोबारी सत्र की भारी गिरावट के बाद शुक्रवार को आंशिक वापसी दर्ज की। निफ्टी 50 में 1.05 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई और यह 23,243.85 पर पहुंचा, जबकि बीएसई सेंसेक्स 1.02 प्रतिशत चढ़कर 74,958.69 पर रहा। रॉयटर्स के मुताबिक यह उछाल उस समय आया जब तेल कीमतों में नरमी देखी गई और इससे मध्य पूर्व युद्ध के बीच वैश्विक बाजारों को कुछ राहत मिली।
रिपोर्ट में कहा गया कि गुरुवार को दोनों प्रमुख सूचकांक 3.3 प्रतिशत गिरे थे, जो जून 2024 के बाद उनकी सबसे खराब एकदिनी गिरावट थी। शुक्रवार की रिकवरी के बावजूद माहौल पूरी तरह सामान्य नहीं कहा जा सकता, क्योंकि रुपया इसी दिन डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। बाजार गुरुवार को स्थानीय अवकाश के कारण बंद थे, इसलिए निवेशकों की प्रतिक्रिया शुक्रवार को अधिक साफ नजर आई।
रॉयटर्स के अनुसार सभी 16 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त में रहे। स्मॉल-कैप इंडेक्स 0.8 प्रतिशत और मिड-कैप इंडेक्स 1.3 प्रतिशत ऊपर रहे। ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल तक नरम पड़ा, जबकि गुरुवार को यह 119.13 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। रिपोर्ट में Enrich Money के सीईओ पोनमुदी आर का हवाला देते हुए कहा गया कि बाजार की भावना अब भी मध्य पूर्व की घटनाओं से बेहद प्रभावित है, हालांकि इस बात के संकेत से थोड़ी राहत मिली कि इजराइल शायद ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने से बचे।
खबर में यह भी बताया गया कि एचडीएफसी बैंक का शेयर शुक्रवार को 1.8 प्रतिशत और गिरा, जबकि पिछले सत्र में इसमें 5.3 प्रतिशत की गिरावट आई थी। दूसरी ओर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक 3.2 प्रतिशत चढ़े और एसबीआई में 3 प्रतिशत की तेजी रही। टाटा स्टील 4 प्रतिशत उछला, क्योंकि एचएसबीसी ने उसका लक्ष्य मूल्य बढ़ाया और कमाई के अनुमान सुधारे।
20 मार्च 2026 की यह तस्वीर दिखाती है कि भारतीय बाजार में उछाल जरूर लौटी, लेकिन भरोसा अब भी बेहद नाजुक है। तेल, युद्ध, मुद्रा और बैंकिंग अनिश्चितता मिलकर यह संकेत दे रहे हैं कि निवेशक फिलहाल राहत नहीं, बल्कि जोखिम की भाषा में बाजार को पढ़ रहे हैं।




