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जेलों में नवरात्रि का ऐसा माहौल कि बाहर की राजनीति पर उठे सवाल, 2397 बंदी रख रहे व्रत

रायपुर। प्रदेश की सभी जेलों में नवरात्रि पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है और बंदियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि वे उपवास और पूजा-अर्चना कर सकें। रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रदेश की जेलों में कुल 2397 बंदी नवरात्रि का उपवास कर रहे हैं। इनमें 2125 पुरुष और 272 महिला बंदी शामिल हैं। संभागवार आंकड़ों के अनुसार रायपुर संभाग में 1140, दुर्ग में 243, बिलासपुर में 407, सरगुजा में 361 और बस्तर संभाग में 246 बंदी व्रत रख रहे हैं। रिपोर्ट इसे जेलों में सकारात्मक और आध्यात्मिक वातावरण का संकेत बताती है।

जेल अधीक्षक के हवाले से खबर में कहा गया है कि उपवास रखने वाले बंदियों को फलाहार के रूप में प्रतिदिन केला, साबूदाना, फल्लीदाना और गुड़ दिया जा रहा है। यही नहीं, धार्मिक आस्था के अनुरूप बंदियों को पूजा-पाठ का अवसर भी दिया गया है। रिपोर्ट का फोकस इस बात पर है कि कारावास की स्थिति के बीच भी धार्मिक अनुष्ठान और व्यक्तिगत आस्था के लिए व्यवस्थाएं की गईं। खबर में यह भी रेखांकित किया गया है कि यह व्यवस्था सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि प्रदेश स्तर पर समन्वित रूप में लागू है।

यह खबर इसलिए चर्चा में है क्योंकि जेल जैसे सख्त अनुशासन वाले संस्थान में इतने बड़े पैमाने पर धार्मिक आयोजन और फलाहार व्यवस्था अपने आप में बहस का विषय बन सकती है। हालांकि स्रोत में इसे पूरी तरह आस्था और सकारात्मक वातावरण के निर्माण के रूप में पेश किया गया है। रिपोर्ट का निष्कर्ष यही है कि नवरात्रि के दौरान जेल प्रशासन ने बंदियों की धार्मिक भावनाओं के अनुरूप व्यवस्थाएं की हैं और इससे कारागारों में आध्यात्मिक वातावरण बना है।

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