किसानों का ‘ब्लैक डे’ धमाका, सरकार के फैसले के खिलाफ खुला विद्रोह

हरियाणा में किसानों का आंदोलन 14 अप्रैल 2026 को और तेज हो गया, जब उन्होंने इस दिन को ‘ब्लैक डे’ के रूप में मनाने का ऐलान किया। यह विरोध सरकार द्वारा लागू किए गए बायोमेट्रिक फसल खरीद सिस्टम के खिलाफ है।
भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में कई किसान संगठनों ने मंडियों में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। किसानों का कहना है कि यह नया सिस्टम उनके लिए कठिनाइयां पैदा कर रहा है और फसल बेचने की प्रक्रिया को जटिल बना रहा है।
किसानों ने बैसाखी के दिन काले कपड़े पहनकर विरोध जताने का निर्णय लिया, जो उनके असंतोष का प्रतीक है। साथ ही, उन्होंने सरकार से 200 रुपये प्रति क्विंटल मुआवजा भी मांगा है, जो हाल की खराब मौसम परिस्थितियों के कारण हुए नुकसान को लेकर है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सरकार इस बायोमेट्रिक प्रणाली को वापस नहीं लेती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, कुछ किसान नेताओं ने शांतिपूर्ण विरोध की अपील की है और किसी भी उग्र कदम से दूरी बनाए रखने की बात कही है।
यह मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनता जा रहा है, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ सकता है।



