महतारी वंदन योजना से बदली किस्मत: बकरी पालन ने पहाड़ी कोरवा महिला को बनाया आत्मनिर्भर

रायपुर। प्रदेश सरकार की फ्लैगशिप ‘महतारी वंदन योजना’ अब महिलाओं के जीवन में बदलाव की मजबूत कहानी लिख रही है। यह योजना सिर्फ आर्थिक मदद तक सीमित नहीं रहकर आत्मनिर्भरता की नई राह भी दिखा रही है। इसका ताजा उदाहरण अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम रामनगर की रहने वाली पहाड़ी कोरवा समुदाय की करियो हैं, जिनकी जिंदगी इस योजना से पूरी तरह बदल गई।
पहले जहां करियो का परिवार रोजमर्रा के खर्चों के लिए संघर्ष करता था, वहीं योजना के तहत मिलने वाली राशि ने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई। उन्होंने इस रकम को खर्च करने के बजाय सोच-समझकर निवेश किया और बकरियां खरीदकर पशुपालन शुरू किया।
समय के साथ उनकी मेहनत रंग लाई। बकरियों की संख्या बढ़कर छह हो गई और अब यह उनका स्थायी आय का जरिया बन चुका है। नियमित आय से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि परिवार का जीवन स्तर भी बेहतर हुआ है।
करियो बताती हैं कि अब घर में पहले से बेहतर भोजन मिल रहा है और बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित नजर आ रहा है। पहले जो चीजें सपना लगती थीं, आज वे हकीकत बन चुकी हैं।
वे मानती हैं कि यह बदलाव सरकार की योजना की वजह से संभव हुआ है, जिसने उन्हें सम्मान के साथ जीने और अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया। उनके मुताबिक, यह योजना खासकर ग्रामीण और जनजातीय महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।




