सरकारी कर्मचारियों पर ‘इमरजेंसी जैसा फैसला’ क्या छत्तीसगढ़ में काम का दबाव चरम पर

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने 23 अप्रैल 2026 के आसपास एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां तीन महीने के लिए रोक दी हैं। यह कदम राष्ट्रीय जनगणना और ‘सुराज’ अभियान को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए उठाया गया है। सरकार का कहना है कि इन दोनों अभियानों में बड़े पैमाने पर मानव संसाधन की जरूरत है, इसलिए कर्मचारियों की पूर्ण उपस्थिति सुनिश्चित करना जरूरी है।
इस फैसले के बाद कर्मचारियों के बीच असंतोष की चर्चा भी तेज हो गई है। कई कर्मचारियों का मानना है कि इतनी लंबी अवधि तक छुट्टी रोकना उनके व्यक्तिगत जीवन पर असर डाल सकता है। हालांकि प्रशासन का तर्क है कि यह फैसला अस्थायी है और राज्यहित में लिया गया है।
इस बीच महानदी जल विवाद को लेकर भी राज्य पर दबाव बढ़ा है, जहां ट्रिब्यूनल ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों सरकारों को सुनवाई में देरी के लिए फटकार लगाई है। इससे साफ है कि राज्य प्रशासन इस समय कई मोर्चों पर दबाव झेल रहा है।




