भारत को मिला 100वां रामसर स्थल, पर्यावरण संरक्षण में बड़ी उपलब्धि

विश्व पर्यावरण दिवस के बाद भारत ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उत्तर प्रदेश के सुरहा ताल को रामसर स्थल का दर्जा मिलने के साथ ही भारत में रामसर स्थलों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है।
रामसर स्थल वे आर्द्रभूमियां होती हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय महत्व का माना जाता है। ये जैव विविधता संरक्षण, जल संरक्षण और प्रवासी पक्षियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती हैं।
सुरहा ताल गंगा और सरयू नदी क्षेत्र में स्थित एक प्राकृतिक झील है। यह मध्य एशियाई प्रवासी पक्षियों के लिए प्रमुख विश्राम स्थल मानी जाती है। यहां बार-हेडेड गूज, यूरेशियन टील और कई दुर्लभ प्रजातियां देखी जाती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत द्वारा 100 रामसर स्थलों का आंकड़ा हासिल करना वैश्विक स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि है। इससे देश की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता और संरक्षण प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
सरकार का कहना है कि आर्द्रभूमियों का संरक्षण जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी मददगार साबित होगा।




