रायपुर से रवाना हुई सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा, 1000 से अधिक श्रद्धालु लेकर चले छत्तीसगढ़ की पावन माटी और जल

राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन से सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के लिए विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत के राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक विरासत और करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है। इतिहास में कई बार मंदिर को नुकसान पहुंचाया गया, लेकिन श्रद्धा और संकल्प की शक्ति से हर बार इसका पुनर्निर्माण हुआ।
इस विशेष यात्रा में छत्तीसगढ़ से 1000 से अधिक विशिष्टजन, पद्मश्री सम्मानित हस्तियां, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के कलाकार और साहित्यकार शामिल हुए। श्रद्धालु अपने साथ प्रदेश के ऐतिहासिक शिवालयों की पवित्र मिट्टी और नदियों का जल लेकर बाबा सोमनाथ को अर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री ने भगवान सोमनाथ से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक देशभर में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व राष्ट्रीय स्मरणोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है, जिसके तहत इस सांस्कृतिक यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि आजादी के बाद उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लेकर इसे राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बनाया। देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 75 वर्ष पहले पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर का लोकार्पण किया था।
संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह यात्रा श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और गौरवशाली इतिहास से जुड़ने का अवसर देगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उन्हें अंगवस्त्र भेंट किए और सफल यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक धरमलाल कौशिक, अनुज शर्मा, इंद्रकुमार साहू, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, संपत अग्रवाल, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



