UPSC में चमके छत्तीसगढ़ के युवा: द्वारका ट्राइबल यूथ हॉस्टल के 13 अभ्यर्थियों ने बढ़ाया प्रदेश का मान

नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफलता हासिल करने वाले ट्राइबल यूथ हॉस्टल, द्वारका के विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि प्रदेश के मेहनतकश परिवारों के सपनों, संघर्ष और संकल्प की जीत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विद्यार्थियों ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा आर्थिक संसाधनों या पारिवारिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। राजमिस्त्री, किसान और शिक्षक परिवारों से आने वाले इन युवाओं ने कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा के प्रथम चरण में सफलता हासिल की है। उन्होंने इसे पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर ग्रामीण और आदिवासी अंचलों के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, अध्ययन पद्धति, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। अभ्यर्थियों ने ट्राइबल यूथ हॉस्टल में उपलब्ध अध्ययन वातावरण, मार्गदर्शन और सुविधाओं की सराहना करते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए संसाधनों ने उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने का आत्मविश्वास दिया।
उन्होंने विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की तैयारी पूरी निष्ठा, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के साथ करने की सलाह दी। उनका कहना था कि प्रारंभिक परीक्षा सफलता का महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन अंतिम लक्ष्य प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर समाज और राष्ट्र की सेवा करना होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं केवल प्रतिष्ठा का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा और सुशासन को मजबूत करने का अवसर हैं। उन्होंने अपेक्षा जताई कि भविष्य में ये युवा संवेदनशील, पारदर्शी और जनहितैषी प्रशासनिक अधिकारी बनकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी सोच के तहत नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता 50 सीटों से बढ़ाकर 200 सीट कर दी गई है, जिससे दूरस्थ वनांचल, जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को राजधानी में रहकर UPSC सहित अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर मिल रहा है।
उल्लेखनीय है कि UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में ट्राइबल यूथ हॉस्टल, द्वारका में रहकर तैयारी करने वाले 13 अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की है। इनमें गौतम कुमार, कुलभूषण सिंह पोया, हरि चंद्र प्रकाश सिंह, मयंक रात्रे, मलिकराम पटेल, आर्यन राठौर, चेतन लाल, हरीश कुमार पटेल, किशन लाल साहू, सत्यनारायण चंद्राकर, दीक्षा दिवाकर, विकेश कुर्रे और प्रकाश पटेल शामिल हैं। अधिकांश अभ्यर्थी जनजातीय, ग्रामीण और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद उल्लेखनीय सफलता अर्जित कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।




