Strict stance on bridge and flyover projects; swift action against sluggish contractors; target set to complete several key works by December.

पुल-फ्लाईओवर परियोजनाओं पर सख्ती, सुस्त ठेकेदारों पर होगी त्वरित कार्रवाई; दिसंबर तक कई अहम काम पूरे करने का लक्ष्य

रायपुर। प्रदेश में निर्माणाधीन पुलों, फ्लाईओवर और रेलवे ओवरब्रिज परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने के लिए लोक निर्माण विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने वरिष्ठ अधिकारियों, मैदानी अमले और ठेकेदारों की संयुक्त समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं तय माइलस्टोन के अनुसार आगे बढ़ें और लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

सिरपुर भवन स्थित सेतु परिक्षेत्र मुख्य अभियंता कार्यालय में आयोजित बैठक में निर्माण कार्यों की संभागवार और वर्षवार समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे हर महीने कार्यस्थलों का निरीक्षण कर प्रगति रिपोर्ट तैयार करें और समयसीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र में आरसीपीएलडब्ल्यूए (RCPLWA) के तहत निर्माणाधीन पुलों को हर हाल में दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में पुल, फ्लाईओवर और रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए प्रत्येक चरण की समयबद्ध प्रक्रिया तय करने हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों और सड़क सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करने पर जोर दिया गया, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि या दुर्घटना की संभावना न रहे।

मैदानी अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और गुणवत्ता के आधार पर ठेकेदारों के लंबित भुगतान समय पर जारी करने के निर्देश दिए गए। ठेकेदारों को हर महीने भुगतान सुनिश्चित करने की बात भी कही गई, जिससे निर्माण कार्यों की गति प्रभावित न हो।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 और 2025-26 की नई परियोजनाओं के प्राक्कलन 31 जुलाई तक भेजने के निर्देश दिए गए। पहुंचविहीन गांवों तक बारहमासी सड़क संपर्क उपलब्ध कराने और द्रुतगामी सड़कों पर आवश्यक पुलों के प्रस्तावों को प्राथमिकता सूची में शामिल करने को कहा गया। भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति, ब्लास्टिंग अनुमति, पेड़ कटाई और स्थल विवाद जैसे लंबित मामलों का कलेक्टरों के समन्वय से शीघ्र समाधान करने के भी निर्देश दिए गए।

सचिव ने भारत सरकार के गतिशक्ति पोर्टल पर राज्य के सभी पुलों की जानकारी 10 जुलाई तक अपलोड करने के निर्देश दिए। वहीं रायपुर के निर्माणाधीन स्काई-वॉक की समीक्षा करते हुए इसके संचालन, रखरखाव और बिजली आपूर्ति की स्थायी व्यवस्था की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। अधिकारियों ने बताया कि 1.2 किलोमीटर लंबे स्काई-वॉक का निर्माण दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 9 एस्केलेटर और 4 लिफ्ट लगाई जाएंगी।

बैठक के अंत में पुल निर्माण कर रहे ठेकेदारों से उनकी समस्याएं भी सुनी गईं। स्पष्ट किया गया कि दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने वाली इन परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयसीमा से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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