छत्तीसगढ़ न्यूज़ | Fourth Eye News

छत्तीसगढ़ में वीबी-जी रामजी योजना का आगाज़, ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार और विकास कार्यों की नई सौगात

कवर्धा। ग्रामीण परिवारों को रोजगार और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने वाली विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी रामजी) योजना का छत्तीसगढ़ में राज्य स्तरीय शुभारंभ कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड की ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री Shivraj Singh Chouhan आंध्र प्रदेश के तिरुपति से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य देश के किसी भी गरीब परिवार को काम के अभाव में बेरोजगार नहीं रहने देना है। योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 125 दिनों तक रोजगार मिलेगा, जिससे गांवों में विकास कार्यों को गति मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के परिश्रम का सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि विकसित गांवों के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण का अभियान है। उन्होंने गंडईखुर्द में योजना के तहत पहले विकास कार्य के रूप में शेड निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए इसे प्रदेश की पहली पंचायत बताया, जहां वीबी-जी रामजी योजना के तहत विकास कार्य स्वीकृत हुआ।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए 3,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। योजना के अंतर्गत कुल 318 प्रकार के विकास कार्य शामिल किए गए हैं, जिनमें जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्य प्रमुख हैं। अब पारंपरिक जॉब कार्ड की जगह जीआरजी कार्ड जारी किए जाएंगे। जल संरक्षण के लिए डबरी, चेकडैम, वर्षा जल संचयन, रिचार्ज पिट, नहर लाइनिंग और ग्रामीण सड़कों जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

इसके अलावा बाउंड्री वॉल, किचन शेड, शौचालय, सामुदायिक पशु शेड, सोलर स्ट्रीट लाइट, ग्रामीण चौपाल, हाईमास्ट लाइट, स्व-सहायता समूहों के लिए वर्क शेड, कोल्ड स्टोरेज, खाद एवं अनाज गोदाम, कृषि प्रसंस्करण केंद्र और हैंडलूम प्रोसेसिंग केंद्र जैसे कार्य भी योजना के तहत कराए जाएंगे। सरकार गांवों को ए, बी और सी श्रेणियों में विभाजित कर उनकी आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता देगी।

पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि यह दिन प्रदेश के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत मनरेगा में रोजगार की अवधि बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है और अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है।

कार्यक्रम के दौरान योजना के प्रचार-प्रसार के लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्व-सहायता समूह की महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों ने मानव श्रृंखला बनाकर लोगों को योजना के लाभों और जनभागीदारी का संदेश दिया। साथ ही ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत व्यापक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button