तेहरान में भारतीय दूत की मौजूदगी से घबराए दुश्मन! ईरान संकट के बीच भारत ने चली वो चाल, जिससे थर-थर कांप रहा है पाकिस्तान!
ईरान की हरकतों पर भारत की कड़ी नजर

ईरान के सर्वोच्च नेता के निधन के बाद तेहरान में चल रहे सत्ता परिवर्तन और अस्थिरता के माहौल के बीच भारत ने अपनी कूटनीतिक आक्रामकता से पूरे वैश्विक परिदृश्य को चौंका दिया है। पिछले 24 घंटों में आ रही खबरों के मुताबिक, भारत सरकार ने ईरान के इस संकट काल में अपने शीर्ष कूटनीतिक प्रतिनिधिमंडल को तेहरान भेजा है, जिसकी अगुवाई बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा कर रहे हैं। भारत की इस रणनीतिक मौजूदगी ने पाकिस्तान और चीन के खेमे में खलबली मचा दी है। जहाँ एक तरफ अमेरिका ईरान पर बम बरसा रहा है, वहीं भारत ने तेहरान में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराकर यह साबित कर दिया है कि पश्चिम एशिया की राजनीति बिना नई दिल्ली की मर्जी के आगे नहीं बढ़ सकती।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पिछले 24 घंटों के दौरान हुई प्रेस ब्रीफिंग में बेहद कड़े शब्दों में कहा है कि भारत क्षेत्र के हर ताज़ा घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है और देश के हितों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। भारत ने ईरान को मानवीय सहायता और दवाइयां भेजने का सिलसिला जारी रखा है, जिससे ईरान की जनता में भारत के प्रति सम्मान और बढ़ा है। यह भारत की आक्रामक और दूरदर्शी कूटनीति ही है जो एक तरफ अमेरिका के साथ व्यापारिक महाडील कर रही है, तो दूसरी तरफ ईरान के संकट में भी चाबहार बंदरगाह (Chabahar Port) और अपने रणनीतिक हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखे हुए है। पाकिस्तान जो यह सोच रहा था कि ईरान संकट का फायदा उठाकर वह भारत को घेर लेगा, उसे भारत के इस कदम ने चारों खाने चित कर दिया है।



