छत्तीसगढ़ न्यूज़ | Fourth Eye News

जशपुर में विज्ञान शिक्षकों को मिला आधुनिक प्रायोगिक प्रशिक्षण, अब प्रयोगों से होगी विज्ञान की पढ़ाई आसान

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यालयों में प्रयोग आधारित, गतिविधि आधारित और दक्षता आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए जशपुर जिले में नई पहल की गई है। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से जिला प्रशासन और इनोवेशन एंड साइंस प्रमोशन फाउंडेशन के सहयोग से स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम विद्यालय, जशपुर में कक्षा 9वीं और 10वीं के विज्ञान शिक्षकों के लिए विशेष प्रायोगिक प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण का संचालन पुणे से आए इनोवेशन एंड साइंस प्रमोशन फाउंडेशन के संस्थापक एवं वैज्ञानिक डॉ. प्रचेता मलिक और उनकी टीम ने किया। टीम ने विज्ञान के विभिन्न सिद्धांतों पर आधारित प्रयोगों का प्रदर्शन करते हुए शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराया।

इस पहल का उद्देश्य जिले के सभी शासकीय हाई और हायर सेकेंडरी विद्यालयों में विज्ञान विषय को अधिक रोचक, व्यावहारिक और विद्यार्थी-केंद्रित बनाना है, ताकि छात्र केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रहकर प्रयोगों के माध्यम से वैज्ञानिक अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को डीआईवाई (Do It Yourself) गतिविधियों के जरिए पैराशूट, बैटरी, माइक्रोस्कोप, रेस्पिरोमीटर और स्ट्रॉ प्रोपेलर जैसे वैज्ञानिक मॉडल तैयार करना सिखाया गया। इसके अलावा एसिड-बेस न्यूट्रलाइजेशन, कागज से ज्यामितीय आकृतियों का निर्माण तथा भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान से जुड़े कई प्रयोगों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत एक्सपीरियंशियल, एक्टिविटी बेस्ड और कंपिटेंसी बेस्ड लर्निंग की अवधारणाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। शिक्षकों को यह भी बताया गया कि प्रयोग आधारित शिक्षण से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, तार्किक क्षमता और नवाचार की भावना को कैसे विकसित किया जा सकता है।

प्रशिक्षण के बाद शिक्षकों को डिजिटल माध्यम से अतिरिक्त प्रयोगों का विस्तृत मैन्युअल भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें इलेक्ट्रोप्लेटिंग, मैग्नेटिक पेन स्टैंड, क्रोमैटोग्राफी, सेंट्रीफ्यूज, स्टार्च डाइजेशन, सॉइल इरोजन मॉडल और मैग्नेटिक फील्ड लाइंस जैसे प्रयोग शामिल हैं। प्रशिक्षण में जिले के सभी शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के विज्ञान शिक्षकों ने भाग लिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button