ग्रामीण विकास कार्यों में गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता, 8 महीने में लक्ष्य पूरे करने के निर्देश

उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने ग्रामीण विकास से जुड़े सभी कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले आठ महीनों में तय सभी विकास लक्ष्यों को तेजी, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। नवा रायपुर अटल नगर स्थित महानदी भवन में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने वीबी जीरामजी योजना और पंचायत विभाग के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रदेशभर के जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) से चर्चा की।
बैठक में विजय शर्मा ने सभी जिला पंचायत सीईओ को नियमित रूप से विकासखंडों का दौरा करने, निर्माण कार्यों की निगरानी रखने और आम लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए मैदानी स्तर पर सक्रियता और जवाबदेही जरूरी है।
उन्होंने प्रदेश के सभी स्कूलों में बालिकाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शौचालयों का निर्माण जल्द पूरा करने, जिन गांवों में मुक्तिधाम नहीं हैं वहां प्राथमिकता से निर्माण कराने तथा खराब और अनुपयोगी बोरवेलों को इंजेक्शन वेल के रूप में विकसित कर जल संरक्षण को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए।
वीबी जीरामजी योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्थानीय समुदाय, वरिष्ठ नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ाने, अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने और सभी कार्यों में एसओपी के अनुरूप पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने धान खरीदी केंद्रों में चबूतरे, आंगनबाड़ी केंद्रों, पीएम श्री विद्यालयों, पोटा केबिनों, अतिरिक्त कक्षों, शौचालयों और धरसा विकास जैसे कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी निर्माण कार्यों की समयबद्ध जियो-टैगिंग कराने और नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति या अधिकारी गरीब परिवारों के आवास निर्माण में अनावश्यक बाधा उत्पन्न करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विजय शर्मा ने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि गांवों में स्थायी और गुणवत्तापूर्ण विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी जिला पंचायत भवनों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने तथा उनके रखरखाव के लिए एनआरएलएम की दीदियों को प्रशिक्षित कर जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश भी दिए।




