अमेरिकी टैरिफ की दीवार ध्वस्त: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के क्रियान्वयन से भारतीय एक्सपोर्टर्स की चांदी, चीन को लगा तगड़ा झटका!

भारतीय कूटनीति ने अमेरिका की धरती पर एक और ऐतिहासिक और आक्रामक आर्थिक विजय दर्ज की है। पिछले 24 घंटों में भारत और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक अंतरिम व्यापार समझौते के व्यावहारिक कार्यान्वयन की समीक्षा पूरी हो गई है, जिसके तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को 50% से घटाकर सीधे 18% कर दिया है। इस फैसले के बाद अमेरिकी बाजारों में भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और कृषि उत्पादों की बाढ़ आनी तय हो गई है। वहीं दूसरी तरफ, भारत ने अगले पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी सामानों की खरीद की रणनीति पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। यह कदम सीधे तौर पर चीन की कमर तोड़ने वाला है, क्योंकि अमेरिकी कंपनियां अब पूरी तरह से चीन को छोड़कर भारत को अपना परमानेंट सप्लाई चेन पार्टनर बना रही हैं। ग्लोबल ट्रेड वॉर के इस दौर में भारत ने वाशिंगटन को अपनी शर्तों पर झुकाकर यह साबित कर दिया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था का असली इंजन अब नई दिल्ली से ही संचालित होता है।




