वॉर जोन बना मिडल ईस्ट, वॉल स्ट्रीट धराशायी! दुनिया भर के शेयर बाजार डूबे, पर भारतीय ‘सेंसेक्स’ ने रचा इतिहास
वैश्विक मंदी के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था का डंका

जब दुनिया के महाबली आपस में लड़कर अपनी अर्थव्यवस्थाओं को बर्बाद कर रहे हैं, तब भारत दुनिया के लिए एकमात्र सुरक्षित निवेश स्वर्ग (Safe Haven) बनकर उभरा है। पिछले 24 घंटों में जैसे ही अमेरिका द्वारा ईरान के 10 प्रांतों पर भीषण बमबारी और होर्मुज स्ट्रेट के पूरी तरह बंद होने की खबर आई, न्यूयॉर्क का वॉल स्ट्रीट, लंदन का फुत्सी और तोक्यो का निक्केई बाजार ताश के पत्तों की तरह ढह गए। वैश्विक स्तर पर एआई (AI) स्टॉक्स और टेक कंपनियों के शेयर औंधे मुंह गिरे हैं। लेकिन इसके विपरीत, भारतीय शेयर बाजारों (सेंसेक्स और निफ्टी) ने अभूतपूर्व मजबूती दिखाकर दुनिया को चौंका दिया है।
भारतीय अर्थव्यवस्था का यह लचीलापन भारत की सबसे बड़ी वैश्विक विजय है। विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) पश्चिम एशिया और अमेरिका से अपना अरबों डॉलर का फंड निकालकर धड़ाधड़ भारतीय बाजारों और सरकारी बॉन्ड्स में डाल रहे हैं। संभावनाएं बताती हैं कि यदि यह युद्ध अगले दो महीने और चला, तो वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग सप्लाई चेन पूरी तरह से चीन और ताइवान के संकटग्रस्त क्षेत्रों से शिफ्ट होकर भारत में स्थापित हो जाएगी। मोदी सरकार की घरेलू विनिर्माण नीतियों (PLI Schemes) और मजबूत बैंकिंग सिस्टम के कारण भारत इस युद्ध जनित वैश्विक मंदी से पूरी तरह अछूता रहने वाला है, जो भारत को इस दशक के अंत तक तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनाने का रास्ता साफ कर रहा है।



