ओमान की खाड़ी में ईरानी मिसाइल अटैक में भारतीय नाविक की मौत; भड़का हिंदुस्तान, नौसेना को मिला ‘फ्री हैंड’- ईरान-अमेरिका दोनों को भुगतनी होगी कीमत
खाड़ी में भारतीय नौसेना का बढ़ता प्रभाव (सुरक्षात्मक जीत)

पिछले 24 घंटों की सबसे बड़ी और संवेदनशील खबर ओमान के जलक्षेत्र से आई है, जहां ईरानी नौसेना द्वारा यूएई के तेल टैंकर ‘मोम्बासा’ पर दागी गई क्रूज मिसाइल की चपेट में आने से एक भारतीय चालक दल के सदस्य (Crew Member) की दर्दनाक मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। इस घटना ने नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक में हड़कंप मचा दिया है और भारत का रुख बेहद आक्रामक हो चुका है।
भारत ने ईरान के इस गैर-जिम्मेदाराना कृत्य पर सख्त आपत्ति दर्ज कराते हुए तेहरान को चेतावनी दी है कि वह भारतीय नागरिकों की जान को खतरे में डालने की हिमाकत दोबारा न करे। हालांकि यह घटना दुखद है, लेकिन इसके बाद का घटनाक्रम पूरी तरह भारत के सामरिक पक्ष को मजबूत कर रहा है।
भारत ने इस हमले के बहाने हिंद महासागर से लेकर ओमान की खाड़ी तक अपने नौसैनिक बेड़े और गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स की तैनाती को दोगुना कर दिया है। संभावनाएं साफ हैं कि भारतीय नौसेना अब खाड़ी क्षेत्र में केवल मूकदर्शक बनकर नहीं रहेगी, बल्कि एस्कॉर्ट ऑपरेशन्स के जरिए पूरे समुद्री व्यापारिक मार्ग की कमान अपने हाथों में लेगी। अमेरिका जहां युद्ध में उलझा है, वहीं भारत इस क्षेत्र में ‘नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर’ बनकर उभर रहा है। अब ईरान हो या अमेरिका, कोई भी भारत की इजाजत के बिना हिंद महासागर के इस रणनीतिक मुहाने पर मनमानी नहीं कर पाएगा।


