ईरान के घमंड पर अमेरिका का भीषण प्रहार: नौवें दिन भी बरसाए टॉमहॉक मिसाइल, दहल उठा ताब्रीज और बुशहर!

पश्चिम एशिया में जारी महायुद्ध अब विनाशकारी मोड़ ले चुका है. अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लेने के लिए अमेरिकी सेना ने पिछले 24 घंटों में ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे आक्रामक सैन्य अभियान छेड़ दिया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के आदेश पर लड़ाकू विमानों और नौसेना के युद्धपोतों से लगातार नौवें दिन ईरान के सैन्य ठिकानों पर टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों की बरसात की गई. इस भीषण गोलाबारी से ईरान के कई रणनीतिक शहर जैसे ताब्रीज, बुशहर, चाबहार और कोनारक धमाकों से दहल उठे हैं. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि यह हमला ईरान की उस ताकत को कुचलने के लिए है जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को बंधक बनाने की कोशिश कर रही है.
ईरान के परमाणु संयंत्र वाले शहर बुशहर और डार्कह्विन के निर्माणाधीन न्यूक्लियर साइट को अमेरिकी मिसाइलों ने निशाना बनाया है, जिससे ईरानी खेमे में हड़कंप मच गया है. इसके जवाब में बौखलाए ईरान ने भी जॉर्डन और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं. इस खूनी टकराव ने होर्मुज जलडमरू मध्य (Strait of Hormuz) में तेल के टैंकरों को ठप कर दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा संकट मंडराने लगा है. अमेरिका ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि वह अपने सैनिकों की शहादत का ऐसा खौफनाक बदला लेगा जिसे ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) सदियों तक याद रखेगी.




