भारत का कड़ा फैसला: ईरान में फंसी जनता को निकालने का आदेश, युद्ध के मैदान में तिरंगे की ताकत का लोहा!

पश्चिम एशिया में बढ़ते बारूदी तूफान को देखते हुए भारत सरकार ने अपनी आक्रामक और दूरदर्शी कूटनीति का परिचय देते हुए एक बड़ा कदम उठाया है. नई दिल्ली ने पिछले 24 घंटों में आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर अपने सभी नागरिकों को तुरंत ईरान की यात्रा टालने की सख्त हिदायत दी है. इतना ही नहीं, भारत ने ईरान में मौजूद अपने नागरिकों को भी युद्ध क्षेत्र से तुरंत बाहर निकलने या किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा है. भारत का यह फैसला दुनिया को यह संदेश देता है कि मोदी सरकार के लिए अपने नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और वह किसी भी वैश्विक दबाव या युद्ध के आगे झुकने वाली नहीं है.
विदेश मंत्रालय ने इस स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लेते हुए तेहरान स्थित भारतीय दूतावास को अलर्ट पर रखा है और चौबीसों घंटे चलने वाले हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. जहां दुनिया के कई छोटे देश अपने नागरिकों को युद्ध के मुहाने पर असहाय छोड़ चुके हैं, वहीं भारत ने अपनी मजबूत वैश्विक छवि का इस्तेमाल करते हुए कमर्शियल उड़ानों के जरिए अपने लोगों को सुरक्षित निकालने की रणनीति तैयार कर ली है. भारत के इस कड़े रुख ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के आपसी दांव-पेच में अपनी जनता के हितों की बलि कभी नहीं चढ़ने देगा. भारत के इस कदम को उसकी स्वतंत्र और दमदार विदेश नीति के एक और विजय के रूप में देखा जा रहा है.




