8 जिलों में तूफानी बारिश का हाई अलर्ट! मौसम विभाग की चेतावनी के बीच सरकारी दावों और तैयारियों की खुली पोल

छत्तीसगढ़ में मानसून के अचानक फिर से प्रचंड रूप धारण करते ही मौसम विभाग ने बस्तर से लेकर सरगुजा तक भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है! उत्तरी बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तंत्र के कारण अगले 24 से 48 घंटों में राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और वज्रपात का तांडव देखने को मिल सकता है। लेकिन इस चेतावनी के बीच प्रशासन की लचर व्यवस्थाओं ने एक बार फिर जनता की जान जोखिम में डाल दी है।
रायगढ़, जशपुर, कोरबा, सरगुजा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जैसे जिलों में वज्रपात और तूफानी हवाओं की चेतावनी दी गई है। हर साल बारिश से पहले जलभराव और आपदा प्रबंधन के नाम पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जाते हैं, लेकिन पहली ही मूसलाधार बारिश में शहरों की नाली-नालों की सफाई से लेकर आपदा राहत की तैयारियों की धज्जियां उड़ जाती हैं। मंडियों में किसानों की मेहनत का अनाज खुले आसमान तले सड़ने के मुहाने पर है और प्रशासन सिर्फ सलाह की चिट्ठियां जारी करके अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।
मौसम की मार तो कुदरत का खेल है, लेकिन हर बार प्रशासनिक लापरवाही और बदइंतजामी के कारण आम जनता और किसानों का बलि चढ़ना सीधे तौर पर सिस्टम की नाकामी है। यदि निचले इलाकों से लोगों की निकासी और अन्नदाताओं के फसल सुरक्षा के कड़े इंतजाम तुरंत नहीं किए गए, तो इस मानसूनी आफत में भारी जान-माल का नुकसान तय है।




