दिल्ली में बुलडोजर का खौफनाक एक्शन: दर्दनाक हादसे के बाद जगे प्रशासन पर उठे सवाल

राजधानी दिल्ली में सत्य निकेतन इलाके में हुए पीजी इमारत हादसे के बाद आखिरकार प्रशासन की कुंभकर्णी नींद खुली है। नगर निगम (MCD) ने अचानक आक्रामक रुख अपनाते हुए 58 अवैध ढांचों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया और 31 अन्य इमारतों पर कार्रवाई के कड़े आदेश जारी किए हैं।
इस ताबड़तोड़ तोड़फोड़ के बाद दिल्ली की राजनीति और जनता के बीच तीखा विवाद छिड़ गया है। सवाल यह उठ रहा है कि जब तक मासूम जानें जोखिम में नहीं पड़ी थीं, तब तक यह बुलडोजर और कार्रवाई के आदेश किस अलमारी में बंद थे? स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध निर्माण अफसरों और बिल्डरों की मिलीभगत से होता है और हादसों के बाद गरीबों और छोटे दुकानदारों के मकानों पर बुलडोजर चलाकर सिर्फ अपनी नाकामी छिपाई जाती है।
प्रशासन की इस देरे से जागी आक्रामकता ने जनआक्रोश को भड़का दिया है, जिससे पूरी दिल्ली में एमसीडी के खिलाफ भारी विरोध देखने को मिल रहा है।




