UN के नए नक्शे में भारतीय संप्रभुता पर चोट: अरुणाचल और अक्साई चीन पर फिर छिड़ा महासंग्राम

संयुक्त राष्ट्र (UN) की नई कारस्तानी ने भारतीय कूटनीति के गलियारों में भीषण आग लगा दी है। वैश्विक मानचित्र सुधारने का ढोंग करने वाली इस संस्था ने भारत की भौगोलिक अखंडता पर सीधा डाका डाल दिया है। जैसे ही UN के इस नए नक्शे का घिनौना चेहरा सामने आया, भारत सरकार ने बिना वक्त गंवाए अपनी आक्रामक तीखी प्रतिक्रिया से साफ कर दिया कि भारत अपनी एक इंच जमीन पर भी किसी का दांव स्वीकार नहीं करेगा।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा हाल ही में जारी किए गए विश्व मानचित्र में भारत के अटूट हिस्से – अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन को भारतीय क्षेत्र से अलग ‘विवादित दावों’ की रेखाओं के बीच में दिखाया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस हरकत की धज्जियां उड़ाते हुए सख्त लहजे में कहा कि भारत ने UN अधिकारियों के सामने औपचारिक रूप से बेहद कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारत ने साफ कर दिया कि अरुणाचल प्रदेश, पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख (अक्साई चीन समेत) भारत का अभिन्न और अटूट अंग हैं। इस नक्शे में जानबूझकर किए गए इस ‘झोल’ को भारत ने अपनी संप्रभुता के खिलाफ एक साजिश करार दिया है।
वैश्विक नक्शों की निष्पक्षता का राग अलापने वाले अंतर्राष्ट्रीय मंच अब चीन और भारत विरोधी प्रोपेगैंडा का अखाड़ा बनते दिख रहे हैं। भारत ने UN के इस दुस्साहस को सीधे खारिज करके स्पष्ट संदेश दिया है कि मानचित्रों की आड़ में सीमाई संप्रभुता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




